कौन हैं सतुआ बाबा, माघ मेले में 4.40 करोड़ की पोर्शे आई; कभी ठेले तो कभी चार्टर्ड प्लेन में दिखे
माघ मेले में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा सतुआ बाबा की हो रही है। अपने शाही ठाठ-बाट और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले सतुआ बाबा कभी ठेले पर बैठकर तो कभी ऊंट की सवारी करते नजर आए। अब वे अपनी नई सुपरकार पोर्शे टर्बो 911 को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसकी कीमत करीब 4.40 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
मंगलवार रात यह स्पोर्ट्स कार माघ मेले में सतुआ बाबा के शिविर पहुंची। कार को फूल-मालाओं से सजाया गया, इसके बाद बाबा ने विधि-विधान से पूजा की, तिलक लगाया और आरती उतारकर कार का स्वागत किया। खाक चौक के साधु-संतों ने जयकारे लगाए। बाबा की नई कार देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मेला परिसर में मौजूद लोग जुट गए।
सतुआ बाबा ने अपनी 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर छोड़कर यह नई पोर्शे खरीदी है। बुधवार दोपहर वे इसी कार से माघ मेले में घूमते दिखे। इससे पहले 12 जनवरी को बाबा ठेले पर बैठकर निकले थे, जबकि उनके साथ-साथ डिफेंडर कार चल रही थी। 13 जनवरी को उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे चार्टर्ड प्लेन में लेटकर आराम करते दिखे। उसी दिन शाम को उन्होंने ऊंट की सवारी भी की।
वाराणसी स्थित सतुआ बाबा पीठ के पीठाधीश्वर और विष्णु स्वामी संप्रदाय के प्रमुख संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा को माघ मेले में सबसे ज्यादा जमीन अलॉट की गई है, हालांकि इसका सटीक एरिया प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किया। मेले में उनका शिविर अब तक सबसे बड़ा माना जा रहा है और पहले यहां खड़ी 3 करोड़ की डिफेंडर कार ही सबसे महंगी गाड़ी थी, अब पोर्शे के आने से यह चर्चा और बढ़ गई है।
सतुआ बाबा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है। जगतगुरु की पदवी मिलने के दौरान योगी आदित्यनाथ खुद मौजूद थे और कुंभ-माघ आयोजनों में भी दोनों कई बार साथ नजर आए हैं। बाबा आश्रम में बेहद सादे कपड़े पहनते हैं, लेकिन आंखों पर महंगे ब्रांड का चश्मा लगाए रहते हैं।
सतुआ बाबा विष्णु स्वामी संप्रदाय के 57वें आचार्य हैं। 11 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़कर अध्यात्म का मार्ग चुना था। 2012 में पूर्व पीठाधीश्वर के निधन के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली और महाकुंभ-2025 में उन्हें जगतगुरु की उपाधि दी गई।
माघ मेला शुरू होने से पहले सतुआ बाबा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में रही। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी, प्रयागराज DM का बाबा के शिविर में चूल्हे पर रोटी सेंकना और इसके बाद बढ़ी सियासी हलचल ने पूरे मामले को और सुर्खियों में ला दिया।
10 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सतुआ बाबा के काम की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज को जोड़ने का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने माघ मेले, संगम स्नान और सनातन आस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया। माघ मेले में सतुआ बाबा सिर्फ धार्मिक गतिविधियों ही नहीं, बल्कि लग्जरी कार, चार्टर्ड प्लेन और सियासी चर्चाओं की वजह से भी लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
