इराक का मौजूदा परिदृश्य: स्थिरता की तलाश और भू-राजनीतिक दबाव

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इराक आज एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। सद्दाम हुसैन के पतन और उसके बाद ISIS (इस्लामिक स्टेट) के क्रूर शासन के काले दौर से बाहर निकलने के बाद, देश अब सापेक्षिक स्थिरता (relative stability) के दौर में है। वर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी (Mohammed Shia’ Al Sudani) की सरकार देश को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इराक अभी भी आंतरिक और बाहरी दबावों के बीच फंसा हुआ है।

इराक के हालिया घटनाक्रम को इन प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

1. अमेरिकी सेना की वापसी का मुद्दा (The US Withdrawal Question)

वर्तमान में इराक की राजनीति में सबसे बड़ा मुद्दा अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन सेना की मौजूदगी है।

  • पृष्ठभूमि: अमेरिका ने 2003 में इराक पर हमला किया था। बाद में, 2014 में ISIS से लड़ने के लिए अमेरिकी सेना सलाहकार की भूमिका में वापस आई। वर्तमान में लगभग 2,500 अमेरिकी सैनिक वहां मौजूद हैं।

  • ताजा घटनाक्रम: इराक सरकार और अमेरिका के बीच इस गठबंधन मिशन को समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। इराक के शक्तिशाली ईरान-समर्थित शिया गुट दबाव डाल रहे हैं कि अमेरिकी सैनिक जल्द से जल्द देश छोड़ें।

  • संतुलन: प्रधानमंत्री सुदानी एक कठिन संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें अपनी सरकार चलाने के लिए इन शिया गुटों के समर्थन की जरूरत है, लेकिन साथ ही वह जानते हैं कि ISIS के बचे-खुचे आतंकियों से निपटने और पश्चिमी निवेश के लिए अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखना भी जरूरी है।

2. ईरान बनाम अमेरिका: प्रॉक्सी वॉर का अखाड़ा (Battleground for Proxy War)

इराक की सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता यह है कि वह अक्सर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का युद्धक्षेत्र बन जाता है।

  • गाजा युद्ध का असर: 7 अक्टूबर को गाजा में शुरू हुए युद्ध के बाद यह तनाव और बढ़ गया है। इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों (जिन्हें ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ कहा जाता है) ने गाजा के समर्थन में इराक और सीरिया स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों ड्रोन और रॉकेट हमले किए हैं।

  • जवाबी कार्रवाई: अमेरिका ने इसके जवाब में इराक के भीतर इन मिलिशिया समूहों के नेताओं को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं।

  • इराक की संप्रभुता: बगदाद सरकार इन हमलों की निंदा करती है, चाहे वह मिलिशिया करे या अमेरिका। इराक बार-बार कहता है कि वह नहीं चाहता कि उसकी धरती का इस्तेमाल क्षेत्रीय शक्तियों द्वारा अपने हिसाब बराबर करने के लिए किया जाए।

3. आंतरिक शक्ति और मिलिशिया (Internal Power and Militias)

इराक में ‘हशद अल-शाबी’ (Popular Mobilization Forces – PMF) एक बहुत शक्तिशाली बल है।

  • यह मुख्य रूप से शिया मिलिशिया समूहों का एक गठबंधन है, जिसे ISIS से लड़ने के लिए बनाया गया था।

  • अब ये आधिकारिक तौर पर इराक के सुरक्षा तंत्र का हिस्सा हैं और इन्हें सरकार से वेतन मिलता है।

  • चुनौती: इनमें से कई शक्तिशाली समूह वैचारिक रूप से ईरान के करीब हैं और अक्सर इराक के प्रधानमंत्री के नियंत्रण से बाहर काम करते हैं। इराक की स्थिरता के लिए इन समूहों को पूरी तरह से राज्य के नियंत्रण में लाना सबसे बड़ी चुनौती है।

4. ISIS का खतरा (The ISIS threat)

भले ही ISIS ने अपना भौगोलिक क्षेत्र खो दिया है, लेकिन वह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

  • ISIS के स्लीपर सेल (sleeper cells) अभी भी ग्रामीण और रेगिस्तानी इलाकों में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों या नागरिकों पर छिटपुट हमले करते रहते हैं। हालाँकि, अब वे पहले की तरह बड़े पैमाने पर शहरों पर कब्जा करने की स्थिति में नहीं हैं।

5. अर्थव्यवस्था और जलवायु संकट (Economy and Climate Crisis)

राजनीति से परे, आम इराकी जनता गंभीर बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है:

  • तेल पर निर्भरता: इराक की अर्थव्यवस्था लगभग पूरी तरह से तेल निर्यात पर निर्भर है। तेल की कीमतों में गिरावट सीधे देश के बजट को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है।

  • जल संकट: इराक इतिहास के सबसे भीषण जल संकटों में से एक का सामना कर रहा है। जलवायु परिवर्तन और पड़ोसी देशों (तुर्की और ईरान) द्वारा टिगरिस और यूफ्रेट्स नदियों पर बांध बनाने के कारण इराक में पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे कृषि और जीवन खतरे में है।

निष्कर्ष

इराक अब उस तरह की हिंसा का सामना नहीं कर रहा है जैसा कि एक दशक पहले था। बगदाद की सड़कों पर जीवन सामान्य होता दिख रहा है, नए निर्माण हो रहे हैं। लेकिन यह शांति बहुत नाजुक है। इराक का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या उसकी सरकार अमेरिकी वापसी के मुद्दे को सुलझा पाती है और क्या वह ईरान और अमेरिका के बीच खुद को पिसने से बचा पाती है। इराक अपनी खोई हुई संप्रभुता को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

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