ईरान में ‘विद्रोह’ की आग: 110 शहरों में भारी बवाल, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 45 की मौत, इंटरनेट पूरी तरह ठप
जनवरी 2026 में ईरान में गंभीर आंतरिक अशांति और सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर जारी है। 28 दिसंबर, 2025 को शुरू हुए ये प्रदर्शन अब एक राजनीतिक विद्रोह का रूप ले चुके हैं, जो देश के 110 से अधिक शहरों में फैल गए हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 45 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाने और अस्पतालों पर हमला करने के आरोप लगे हैं।
राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाज़ार और मुख्य सड़कों पर भयंकर झड़पें हुई हैं। इसके अलावा इलम, तबरीज़, मशहद और किरमानशाह जैसे शहरों में भी विद्रोह की आग तेज़ है। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्य रूप से गिरती अर्थव्यवस्था, बेतहाशा बढ़ती महंगाई (मुद्रास्फीति) और ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ के मूल्य में भारी गिरावट के कारण व्यापारी और आम जनता सड़कों पर है। अब ये प्रदर्शन शासन परिवर्तन और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ राजनीतिक नारों में बदल चुके हैं। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को कुचलने और सूचनाओं को बाहर जाने से रोकने के लिए पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया है और टेलीफोन लाइनें भी काट दी गई हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो वह ईरान पर “बहुत सख्त” कार्रवाई करेंगे। वहीं, ईरानी शासन ने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इज़रायल का हाथ बताया है। ईरान में 2022-23 के ‘महिला, जीवन, स्वतंत्रता’ आंदोलन के बाद यह सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है, जिससे वर्तमान धर्मतंत्र के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
