हर दिन 136 स्टार्टअप! 2025 में 50 हजार नए जुड़े, भारत में स्टार्टअप्स 2 लाख के पार; बंद होने की दर दुनिया में सबसे कम

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India Startup

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। स्टार्टअप डे 2026 से पहले देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की तस्वीर और मजबूत हो चुकी है।

साल 2025 में भारत में 50 हजार से ज्यादा नए स्टार्टअप शुरू हुए। यानी औसतन हर दिन 136 नए स्टार्टअप खुले। इसके साथ ही देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 2.09 लाख हो गई है। पिछले स्टार्टअप डे (जनवरी 2025) पर यह संख्या 1.59 लाख थी। बीते एक दशक में यह अब तक की सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी मानी जा रही है।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग यानी DPIIT की रिपोर्ट के मुताबिक, 52.6% स्टार्टअप मेट्रो शहरों से बाहर—टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। इसके अलावा 50% स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक शामिल हैं। ये स्टार्टअप बेबी प्रॉडक्ट्स से लेकर भारी उद्योग की मशीनें बनाने तक के सेक्टर्स में काम कर रहे हैं।

10 साल में 21 लाख नौकरियां, हर स्टार्टअप ने औसतन 10 लोगों को काम दिया

बीते एक दशक में स्टार्टअप्स ने देशभर में करीब 21 लाख नौकरियां पैदा की हैं। औसतन देखा जाए तो हर स्टार्टअप ने सीधे 10 लोगों को रोजगार दिया। हालांकि 2025 में सिर्फ 7 नए यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर या उससे अधिक वैल्यूएशन) बने। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट कर लोगों को स्टार्टअप डे की शुभकामनाएं भी दीं।

10 साल में सिर्फ 6,385 स्टार्टअप बंद, दुनिया में सबसे कम क्लोजर रेट

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नए कानूनों के लागू होने के बाद ड्रीम11, MPL, गेम्सक्राफ्ट और Games24x7 जैसे 4 स्टार्टअप्स का यूनिकॉर्न दर्जा खत्म हो गया। DPIIT के संयुक्त सचिव संजीव के मुताबिक, पिछले 10 सालों में कुल 6,385 स्टार्टअप बंद हुए हैं। यह कुल स्टार्टअप्स का महज 3% है, जो दुनिया में सबसे कम बंद होने की दर मानी जाती है।

स्टार्टअप इंडिया से एंटरप्रेन्योरियल भारत की ओर

लाइफ स्किल:
‘द इंडस एंटरप्रेन्योर्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, एंटरप्रेन्योरशिप को एक जरूरी लाइफ स्किल के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। 2035 तक अगर 75% सेकेंडरी स्कूलों और 80% हायर एजुकेशन संस्थानों में इसे शामिल किया जाता है, तो स्टार्टअप्स GDP में 15% तक योगदान दे सकते हैं और 5 करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

इकोसिस्टम:
ओरियोस वेंचर पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट होने वाले 20 स्टार्टअप्स ने औसतन 13.3 साल में IPO का सफर पूरा किया। 2024 में यह औसत 13.4 साल था। इससे पहले 2023 में मामाअर्थ और यात्रा ने 12.5 साल में IPO किया था, जबकि 2022 और 2021 में यह समय 16 साल रहा। यानी भारतीय स्टार्टअप अब कम समय में IPO के लिए तैयार हो रहे हैं।

फंडिंग:
ट्रैक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में स्टार्टअप्स ने 94,500 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई। अमेरिका और ब्रिटेन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फंडेड स्टार्टअप इकोसिस्टम बना रहा।

आज एक दशक पूरा होने पर बड़ा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया पहल के 10 साल पूरे होने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को हुई थी।

महाराष्ट्र टॉप पर, यहां खुले सबसे ज्यादा स्टार्टअप

  • महाराष्ट्र: 34,444 (बंद: 1,200)
  • कर्नाटक: 20,330 (845)
  • दिल्ली: 19,273 (737)
  • उत्तर प्रदेश: 19,207 (598)
  • गुजरात: 16,805 (348)
  • तमिलनाडु: 13,105 (338)
  • तेलंगाना: 10,804 (368)
  • हरियाणा: 10,295 (306)
  • केरल: 7,768 (241)
  • राजस्थान: 7,103 (211)
  • मध्य प्रदेश: 6,493 (180)

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